Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य के अनमोल विचार

By | March 20, 2018

quotes and thoughts of Chanakya in hindi

Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य के अनमोल विचार

चाणक्य एक भारतीय शिक्षक, दार्शनिक, अर्थशास्त्री, न्यायिक और शाही सलाहकार थे। परंपरागत रूप से उन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त के रूप में पहचाना जाता है, जिन्होंने प्राचीन भारतीय राजनीतिक ग्रंथ, अर्थशास्त्र को लिखा था। आचार्य चाणक्य एक महान विद्वान् थे जिनकी नीतियों पर चल कर कई साम्राज्य स्थापित हुए। “Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य के अनमोल विचार”

Name: Chanakya / चाणक्य (Kauṭilya, Vishnugupta)
Born: 371 BC, India
Died: 283 BC, Pataliputra
Nickname: Indian Machiavelli
Parents: Rishi Canak
Occupation advisor of Chandragupta Maurya

Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य के अनमोल विचार


1. सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है कि कभी भी अपने राज दूसरों को मत बताएं, ये आपको बर्वाद कर देगा।

2. शत्रु की कमजोरी जानने तक उसे अपना मित्र बनाए रखें।

3. जो धैर्यवान नहीं है, उसका न वर्तमान है न भविष्य।

4. यदि माता दुष्ट है तो उसे भी त्याग देना चाहिए।

5. सांप को दूध पिलाने से विष ही बढ़ता है, न की अमृत।

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6. जिस प्रकार एक सूखे पेड़ को अगर आग लगा दी जाये तो वह पूरा जंगल जला देता है, उसी प्रकार एक पापी पुत्र पुरे परिवार को बर्वाद कर देता है।

7. जब तक आपका शरीर स्वस्थ और नियंत्रण में है और मृत्यु दूर है, अपनी आत्मा को बचाने कि कोशिश कीजिये; जब मृत्यु सर पर आजायेगी तब आप क्या कर पाएंगे?

8. आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है अर्थात बुरा व्यक्ति का कितना भी सम्मान कर लें, वह सदा दुःख ही देता है।

9. इस बात को व्यक्त मत होने दीजिये कि आपने क्या करने के लिए सोचा है, बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाये रखिये और इस काम को करने के लिए दृढ रहिये।

10. शत्रु के गुण को भी ग्रहण करना चाहिए।

Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य के अनमोल विचार

11. किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना।

12. अगर सांप जहरीला ना भी हो तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।

13. आलसी का न वर्तमान होता है, न भविष्य।

14. कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नही।

15. सर्प, नृप, शेर, डंक मारने वाले ततैया, छोटे बच्चे, दूसरों के कुत्तों, और एक मूर्ख, इन सातों को नीद से नहीं उठाना चाहिए।

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16. भगवान मूर्तियों में नहीं है, आपकी अनुभूति आपका इश्वर है, आत्मा आपका मंदिर है।

17. कपटी या पापी व्यक्ति सदैव मधुर वचन बोलकर अपना काम निकालते है।

18. व्यक्ति अकेला पैदा होता है और अकेला मरता है और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है।

19. चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।

20. फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है, लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है।

Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य के अनमोल विचार

21. अपने से अधिक शक्तिशाली और समान बल वाले से शत्रुता न करे।

22. हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए; विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं।

23. धूर्त व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की सेवा करते हैं।

24. हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है, ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमे स्वार्थ ना हो, यह कड़वा सच है।

25. दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति औरत की सुन्दरता है।

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26. कठोर वाणी अग्निदाह से भी अधिक तीव्र दुःख पहुंचाती है।

27. पहले पांच सालों में अपने बच्चे को बड़े प्यार से रखिये, अगले पांच साल उन्हें डांट-डपट के रखिये, जब वह सोलह साल का हो जाये तो उसके साथ एक मित्र की तरह व्यवहार किजिए आपके वयस्क बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र हैं।

28. दुष्ट स्त्री बुद्धिमान व्यक्ति के शरीर को भी निर्बल बना देती है।

29. वह जो हमारे चिंतन में रहता है वह करीब है, भले ही वास्तविकता में वह बहुत दूर ही क्यों ना हो, लेकिन जो हमारे चिंतन में नहीं है वो करीब होते हुए भी बहुत दूर होता है।

30. आग में आग नहीं डालनी चाहिए अर्थात क्रोधी व्यक्ति को और क्रोध नहीं दिलाना चाहिए।

Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य के अनमोल विचार

31. जहां धन का निवास होता है, वहां सहज ही सुख-सम्पदा आ जुड़ती है।

32. वेश्याएं निर्धनों के साथ नहीं रहतीं, नागरिक कमजोर संगठन का समर्थन नहीं करते और पक्षी उस पेड़ पर घोंसला नहीं बनाते जिस पे फल ना हों।

33. कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों, ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी।

34. वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है, इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए।

35. सत्य भी यदि अनुचित है तो उसे नहीं कहना चाहिए।

36. जब आप किसी काम की शुरुआत करें, तो असफलता से मत डरें और उस काम को ना छोड़ें, जो लोग ईमानदारी से काम करते हैं वो सबसे प्रसन्न होते हैं।

37. लापरवाही अथवा आलस्य से भेद खुल जाता है।

38. शराबी व्यक्ति का कोई कार्य पूरा नहीं होता है।

39. सेवक को तब परखें जब वह काम ना कर रहा हो, रिश्तेदार को किसी कठिनाई में, मित्र को संकट में, और पत्नी को घोर विपत्ति में।

40. दूध पीने के लिए गाय का बछड़ा अपनी माँ के थनों पर प्रहार करता है।

Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य के अनमोल विचार

41. सेवक को तब परखें जब वह छुट्टी पर हो, रिश्तेदार को किसी कठिनाई में, मित्र को संकट में और पत्नी को घोर विपत्ति में।

42. जो अपने कर्म को नहीं पहचानता, वह अँधा है।

43. यदि किसी का स्वभाव अच्छा है तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है? यदि आदमी के पास प्रसिद्धि है तो भला उसे और किसी श्रृंगार की क्या आवश्यकता है।

44. संतुलित दिमाग जैसी कोई सादगी नहीं है, संतोष जैसा कोई सुख नहीं है, लोभ जैसी कोई बीमारी नहीं है और दया जैसा कोई पुण्य नहीं है।

45. अपमानित हो के जीने से अच्छा मरना है, मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है, लेकिन अपमान हर दिन जीवन में दुःख लाता है।

46. आत्मसम्मान के हनन से विकास का विनाश हो जाता है।

47. वो जिसका ज्ञान बस किताबों तक सीमित है और जिसका धन दूसरों के कब्ज़े मैं है, वो ज़रुरत पड़ने पर ना अपना ज्ञान प्रयोग कर सकता है ना धन।

48. भाग्य के विपरीत होने पर अच्छा कर्म भी दुखदायी हो जाता है।

49. एक अनपढ़ व्यक्ति का जीवन उसी तरह से बेकार है जैसे की कुत्ते की पूँछ, जो ना उसके पीछे का भाग ढकती है ना ही उसे कीड़े-मकौडों के डंक से बचाती है।

50. सभा के मध्य जो दूसरों के व्यक्तिगत दोष दिखाता है, वह स्वयं अपने दोष दिखाता है।

चाणक्य के अनमोल विचार

51. सारस की तरह एक बुद्धिमान व्यक्ति को अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए और अपने उद्देश्य को स्थान की जानकारी, समय और योग्यता के अनुसार प्राप्त करना चाहिए।

52. बच्चों की सार्थक बातें ग्रहण करनी चाहिए।

53. दूध में मिला जल भी दूध बन जाता है।

54. नीच व्यक्ति को उपदेश देना ठीक नहीं।

55. आवश्यकतानुसार कम भोजन करना ही स्वास्थ्य प्रदान करता है।

56. दूसरे के धन का लोभ नाश का कारण होता है।

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