Fear of Dogs Phobia | क्या आपकों कुतों से डर लगता है?

By | June 23, 2018

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Fear of Dogs Phobia | क्या आपकों कुतों से डर लगता है?

आज हम बात करने जा रहे है कुतों के डर की यानि कि Cynophobia – Fear of Dogs Phobia की। वैसे तो कुतों से हर कोई प्यार करता है और कुतों को सबसे वफादार जानवर भी माना जाता है, लेकिन इसके साथ ही इस दुनिया में कुतों से डरने वालों की तादात भी कम नहीं है जीन लोगों को कुतों से डर लगता है Fear of Dogs Phobia हो सकता है, जिसकों Cynophobia कहाँ जाता है। तो यहाँ पर साइनो का अर्थ होता है “कुत्ता” और फोबिया का मतलब है “भय”। साइनोफोबिया (Cynophobia) का मतलब है – कुत्तों से निरंतर और अत्यधिक भय का होना।

कुत्तों के डर का कारण (Causes of fear of dogs)

  • कुत्तों और भेड़िये के बीच ऐतिहासिक संबंधों के कारण कुत्तों का डर काफी आम माना जाता है। नतीजतन, अधिकांश साइनोफोबिक्स आम तौर पर बड़े और दुष्परिणाम वाले कुत्तों से डरते हैं, हालांकि, चरम मामलों में, कोई भी छोटे या आक्रामक पिल्ले से डर सकता है।
  • हकीकत में, कुत्तों को निष्ठावान और वफादार साथी माना जाता है जो की मनुष्यों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने में सक्षम होते हैं। हालांकि, कुत्तों के साथ पहले बुरे अनुभव के कारण, एक कुत्ते के लिए, सभी कुत्ते खतरनाक या बुरें दिखाई देते हैं।
  • यह कुत्तों से जुड़ी किसी भी प्रकार की दर्दनाक घटना के कारण हो सकता है। जैसे की पहले कभी किसी कुत्ते ने हमला किया हो या काट लिया हो। इतना ही नहीं, अगर आप ने दूसरों पर किसी कुत्ते को हमला करते देखा हो या ऐसी घटनाओं के बारे में सुना हो, तब भी साइनोफोबिया (Cynophobia) हो सकता है।
  • यदि परिवार में पहले कभी किसी व्यक्ति को किसी कुते ने काटा हो और जिसके कारण वह अब भी डर या भय से पीड़ित हो, तो उनके बच्चें भी अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। तो उस तरह से माता-पिता अनजाने में कुत्तों के खिलाफ बच्चों के मन में कुत्ते का भय पैदा कर सकते हैं।

साइनोफोबिक व्यक्ति अक्सर कुत्तों द्वारा काटने के बजाय भौकने या घुराने पर भी डरते हैं।

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साइनोफोबिया के लक्षण (Symptoms of Cynophobia)

अधिकांश अन्य भय की तरह ही, साइनोफोबिया पीड़ितों को बहुत चिंतित और भयभीत महसूस करा सकता है। इससे विभिन्न शारीरिक और मनोवैज्ञानिक लक्षण हो सकते हैं जैसे कि:

शारीरिक लक्षण (Physical symptoms)

  • चक्कर आना और बेहोश महसूस करना, विचलित होना
  • बहुत ज़्यादा पसीना आना
  • डर के कारण काँपना या हिलना
  • मुँह सूखना
  • कुत्ते को देखते ही स्थिर हो जाना
  • कुते से दूर भागना
  • रोना और चिल्लाना

मनोवैज्ञानिक लक्षण (Psychological symptoms)

  • मरने के विचार आना
  • बहुत अधिक घबराहट होना
  • खुद पर से नियंत्रण का खोना
  • Reality and unreality के बीच अंतर करने में असमर्थता
  • एक कुत्ते के साथ टकराव लाने वाली परिस्थितियों से बचने की कोशिश करना

साइनोफोबिया का निदान और उपचार (Diagnosis and treatment of Cynophobia)

अगर किसी कुतें को दखने पर आपको यदि कुत्ते से डर लगता है या फिर वह डर आपके दैनिक जीवन को बाधित कर रहा है और आप छह महीने या उससे अधिक समय से इस डर का अनुभव कर रहे हैं, तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए। आपके सामाजिक और मनोरोग इतिहास के आधार पर साइनोफोबिया का निदान किया जा सकता है। ताकि आप कुतों के डर से निदान पाकर आप अपना स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सके।

साइनोफोबिया के इलाज के लिए थेरेपी और स्व-सहायता (self-help) तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है।

  • फोबियास के इलाज के लिए सबसे लोकप्रिय और प्रभावी तकनीक 1958 में जोसेफ वोल्पे द्वारा विकसित व्यवस्थित desensitization तकनीक है। यह तकनीक कुत्तों के डर के स्तर को कम करने पर आधारित है। यहां, व्यक्ति को किसी कमरे में एक कुत्ते के साथ कल्पना करने के लिए कहा जाता है। चिकित्सक यह जांचता है कि व्यक्ति डर कैसे दिखाता है और उसके आधार पर वह विभिन्न विश्राम तकनीकों को सिखाता है।
  • व्यवहार थेरेपी:- यह तकनीक डर की जड़ को पहचानने और उसके अनुसार सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करती है। यह आपके नकारात्मक विचारों और कुत्तों के भय से जुड़े विश्वासों को पहचानने पर केंद्रित है।
  • एक्सपोजर थेरेपी (Exposure therapy) का भी स्व-सहायता तकनीक के रूप में उपयोग किया जा सकता है जिसमें रोगी धीरे-धीरे खुद को कुत्ते के सामने उजागर करता है, फोटो देखता है, और धीरे-धीरे कुत्ते को पालने के लिए प्रगति करता है। इस तरह के क्रमिक एक्सपोजर से पता चलता है कि उसका डर निराधार या बेबुनियाद हैं।
  • इन-विवो (In-vivo) या एक्सपोजर थेरेपी कुत्ते के डर से छुटकारा पाने में भी मदद कर सकती है। इस चिकित्सा में कुत्ते के साथ व्यक्ति का लंबे समय तक संपर्क शामिल होता है जब तक कि रोगी की जानवर के प्रति सामान्य प्रतिक्रिया न हो।

गंभीर मामलों में, डर और चिंता को नियंत्रित करने के लिए बीटा ब्लॉकर्स या सिडेटिव दवाइयों का सहारा लेना पड़ सकता है। यदि आप कुत्तों से डरते हैं और यह डर आपके दैनिक जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है, तो फिर आप किसी अच्छे Psychiatrist से अवश्य परामर्श करें।


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